क्षमावाणी पर्व पर भागलपुर में भव्य क्षमा याचना समारोह, गले मिलकर मिटाए बैर-भाव

भागलपुर के श्री दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को क्षमावाणी पर्व श्रद्धा और भाईचारे के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री 1008 वासुपूज्य जी के अभिषेक और शांतिधारा से हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मन, वचन और काया से हुई जाने-अनजाने की भूलों के लिए प्रभु से क्षमा मांगते हुए ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ कहा।
जैन समाज के अध्यक्ष विजय रारा और महामंत्री पदम जैन ने बताया कि समाज के सदस्यों ने मंदिर में विराजमान आर्यिका श्री पुराणमती जी एवं दिव्यमती जी माताजी से श्रीफल भेंट कर क्षमा याचना की और आशीर्वाद लिया। धर्मशाला में समाज के सदस्यों ने एक-दूसरे से हृदय से क्षमा मांगी। छोटों ने बड़ों को सादर धोक देकर क्षमा मांगी, जबकि बड़ों ने उन्हें गले लगाकर आशीर्वाद दिया।
अशोक पाटनी और सुनील जैन ने बताया कि क्षमावाणी का उद्देश्य राग-द्वेष, मान और बैर-भाव को समाप्त कर मैत्री और अहिंसा का संदेश देना है। कार्यक्रम में महिला मंडल, युवा मंडल समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। दशलक्षण व्रतधारी रितिका पाटनी और रत्नत्रय तेला व्रतधारी मुस्कान छाबड़ा के तप की समाज ने अनुमोदना की।
