सैंडिस मैदान पर फिर संग्राम! हाईकोर्ट के आदेश के बाद खेल संगठनों ने खोला मोर्चा

फोटो NAB: प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते एसोसिएशन के पदाधिकारी

भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड खेल मैदान को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए भागलपुर फुटबॉल एवं एथलेटिक्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रविवार को तिलकामांझी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इससे पहले नंदलाल राय की अध्यक्षता में आपात बैठक हुई, जिसमें जिले के विभिन्न खेल संगठनों के सचिव और सदस्यों ने मैदान के इस्तेमाल को लेकर चर्चा की।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सैंडिस कंपाउंड मैदान फुटबॉल और एथलेटिक्स के लिए स्वीकृत है। संगठन के अनुसार, तत्कालीन व्यवस्था में फुटबॉल का गोल पोस्ट और फेंसिंग की जाली हटाए जाने के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा था। संगठन का कहना है कि CWJC 600/2021 के आदेश के विपरीत कार्रवाई हुई है, जिसे लेकर अब अवमानना वाद दायर करने की तैयारी की जा रही है।
पदाधिकारियों ने बताया कि लोक सूचना पदाधिकारी सह वरीय उप समाहर्ता, जिला सामान्य शाखा, भागलपुर के पत्रांक-1193, दिनांक 30 जून 2000 में मैदान को फुटबॉल एवं एथलेटिक्स के लिए स्वीकृत किए जाने का उल्लेख है। संगठन के अनुसार, मैदान से मिलने वाला 725 रुपये मासिक किराया भी एसोसिएशन के खाते में जमा होता रहा है।
एसोसिएशन ने स्मार्ट सिटी भागलपुर के 6 अगस्त 2026 के पत्र का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जिलाधिकारी के 7 मई 2026 के ज्ञापन में मैदान को क्रिकेट का मैदान घोषित किए जाने का उल्लेख नहीं है। इसके बावजूद फुटबॉल और एथलेटिक्स गतिविधियों को प्रभावित किए जाने पर संगठन ने नाराजगी जताई। पदाधिकारियों ने कहा कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो खिलाड़ी और खेल संगठन धरना देने के लिए बाध्य होंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान में नसर आलम, फारूक आजम, रणवीर मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, पवन फौजी, सादिक हसन, मोहम्मद मुराद, विजय सिंह, प्रमोद कुमार, अनुभव राजा, फुटबॉल संघ के कार्यालय सचिव असर आलम उर्फ अच्छू समेत कई खेल पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

Syed inam uddin

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