News Ang Bihar: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के पीजी पर्शियन विभाग के नए हेड असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजीम उदीन ने विभाग में योगदान देने के बाद पर्शियन भाषा की पढ़ाई को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया है। रोटेशनल हेडशिप के आधार पर उन्हें तीन वर्षों के लिए विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा के आदेश पर कुलसचिव डॉ. रामाशीष पूर्वे ने बुधवार को अधिसूचना जारी की थी।

डॉ. अजीम उदीन के योगदान के बाद उन्हें बधाई देने वालों का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में सोमवार को ऑस्कार्प एनजीओ के सचिव अल्तमश बिहारी पीजी पर्शियन विभाग पहुंचे और बुके देकर डॉ. अजीम उदीन को सम्मानित करते हुए नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। अल्तमश बिहारी ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में विभाग में छात्रों की संख्या बढ़ेगी और पर्शियन की पढ़ाई को नई दिशा मिलेगी।
न्यूज़ अंग बिहार से बातचीत में डॉ. अजीम उदीन ने कहा कि उनका प्रयास पर्शियन भाषा को आधुनिक भाषा के रूप में विकसित करने का है। उन्होंने कहा कि इतिहास की कई किताबों को बेहतर तरीके से समझने के लिए पर्शियन का ज्ञान महत्वपूर्ण है। फिलहाल विभाग में पांच छात्र हैं, लेकिन लक्ष्य छात्र संख्या बढ़ाने के साथ ऐसा अध्ययन-पद्धति विकसित करना है, जिससे पर्शियन की पढ़ाई रोजगार के अवसरों से जुड़ सके। उन्होंने यूजी स्तर पर पर्शियन की पढ़ाई को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
